Wednesday, June 22, 2022

 नज़र को हर पल तेरी नज़र की तलाश होती है ,

हर शाम तुमसे मिलने की आस  होती है ॥


कोई क्या जाने दिल की बेक़रारी को ,

होंठो पर हंसी और नज़रें उदास होती है॥ 


बड़ी मुश्किल से बुनती हूँ तेरे यादों के ताने बाने,

बीते हुए लम्हो की हर बात ख़ास होती है ॥

 हमने तुम्हें अपनी खामोशियों का राज़दार क्या बनाया ,

 की अब तो पूरे शहर में नामदार हो गए ॥

Monday, March 28, 2022

 अच्छा लगता है जब तुम हमें याद करते हो , 

वरना वर्षों हो गए हमें खुद से खुद का हाल पूछे