नज़र को हर पल तेरी नज़र की तलाश होती है ,
हर शाम तुमसे मिलने की आस होती है ॥
कोई क्या जाने दिल की बेक़रारी को ,
होंठो पर हंसी और नज़रें उदास होती है॥
बड़ी मुश्किल से बुनती हूँ तेरे यादों के ताने बाने,
बीते हुए लम्हो की हर बात ख़ास होती है ॥
हमने तुम्हें अपनी खामोशियों का राज़दार क्या बनाया ,
की अब तो पूरे शहर में नामदार हो गए ॥