तुम्हें क्या पता कितना मुश्क़िल है तुम्हारे गलियों में आना
तुम मिलते भी नहीं और हम बदनाम हो जाते हैं
बड़े अनमोल हैं उनके एक एक शब्द
वो तो बातें भी नाप तौल कर करते हैं ।